New State Highway: प्रदेश शासन ने अधिसूचना जारी करते हुए लाल कुआं–ऊंचगांव–भोजपुर–रालपुर मार्ग को राज्य मार्ग घोषित कर दिया है। अब तक यह मार्ग अन्य जिला सड़क के रूप में दो लेन में संचालित हो रहा था, लेकिन राज्य मार्ग घोषित होने के बाद इसे चार लेन के स्टेट हाईवे में विकसित किया जाएगा।
शासन की घोषणा के बाद लोक निर्माण विभाग ने मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह प्रस्ताव अप्रैल माह में शासन को भेजा जाएगा और अगले छह महीनों के भीतर स्वीकृति के साथ बजट जारी होने की पूरी संभावना है।
सांसद की पहल से मिली प्राथमिकता
भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चार प्रमुख मार्गों को जोड़ने वाले विक्रमपुर–ऊंगांव मार्ग को स्टेट हाईवे बनाने के लिए सांसद डा. सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। सांसद की मांग को प्राथमिकता देते हुए शासन ने संबंधित मार्गों को राज्य मार्ग घोषित करने की मंजूरी दे दी। इससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
कुल लंबाई 42.850 किलोमीटर
स्टेट हाईवे घोषित मार्ग की कुल लंबाई 42.850 किमी है। इसमें विभिन्न खंड शामिल हैं—
- जिले में विक्रमपुर–ऊंचगांव मार्ग: 18.95 किमी
- रायबरेली क्षेत्र में भोजपुर–ऊंचगांव मार्ग: 4.60 किमी
- सरांय बहेरिया खेड़ा–भोजपुर–दौलत खेड़ा मार्ग: 15 किमी
- लालगंज सेमरपहा–रालपुर मार्ग: 4.30 किमी
इन सभी मार्गों को मिलाकर एक सुदृढ़ और विस्तृत स्टेट हाईवे विकसित किया जाएगा।
राज्यपाल की स्वीकृति, विभाग की तैयारी
चारों मार्गों को उच्चीकृत कर राज्य मार्ग में परिवर्तित करने की स्वीकृति राज्यपाल द्वारा प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने सांसद को स्वीकृति पत्र की प्रति भेजकर जानकारी दी है। विभाग ने बताया कि अब मार्ग को चार लेन में परिवर्तित करने की दिशा में आगे की कार्यवाही शुरू होगी।
चंद्रिका देवी धाम तक पहुंचेगी रफ्तार
इसी मार्ग पर बक्सर स्थित चंद्रिका देवी माता मंदिर है, जहां साल भर लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में मार्ग संकरा होने के कारण जाम और आवागमन में कठिनाई होती है। चार लेन बनने के बाद श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और मंदिर तक पहुंच पहले से आसान होगी।
ऐतिहासिक स्थलों को मिलेगा नया जीवन
मार्ग के विस्तारीकरण से क्षेत्र के कई ऐतिहासिक स्थलों की पहुंच भी आसान होगी। इसी रास्ते पर राजाराव राम बख्श सिंह स्थल, डौंड़ियाखेड़ किला और बरासागवर स्थित महावीरन मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थल हैं। बेहतर सड़क संपर्क से इन स्थलों की ख्याति और पर्यटन की संभावना बढ़ेगी।
राजनीतिक और सामाजिक महत्व
यह मार्ग चिलौली गांव से भी होकर गुजरता है, जो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा एवं वर्तमान राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीशंकर बाजपेई का गांव है। मार्ग के उन्नयन से न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।
बीघापुर ब्लाक के लिए क्यों अहम?
बीघापुर ब्लाक का लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र इसी मार्ग पर निर्भर है।
- धानीखेड़ा की साप्ताहिक बाजार के दौरान लगने वाला जाम खत्म होगा।
- इलाहाबाद, चित्रकूट, रायबरेली, फतेहपुर, कानपुर और बांदा से आने-जाने वाला यातायात इसी मार्ग से गुजरता है।
- लगभग 12 हजार वाहनों का आवागमन प्रतिदिन होता है।
- बीघापुर क्षेत्र की करीब 70 प्रतिशत आबादी इस सड़क पर निर्भर है।
चार लेन बनने से यातायात सुगम होगा और समय की बचत होगी।
कानपुर और लखनऊ की राह आसान
गढ़ेवा मार्ग विकसित होने के बाद कानपुर की राह भी अधिक सुगम हो जाएगी। पुरवा, मोहनलालगंज, लखनऊ और उन्नाव जाने वाले यात्रियों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी।






