Excise Policy 2026-27: पंजाब कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति (Excise Policy) को मंजूरी दे दी है। इस बार सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए तय किया है कि अंग्रेजी और देसी शराब के ठेके नीलाम नहीं किए जाएंगे। मौजूदा ठेकेदारों को ही अपना लाइसेंस रिन्यू करने का मौका मिलेगा।
ठेकेदारों पर 7.1% अतिरिक्त बोझ
नई नीति के अनुसार ठेकेदारों को पिछले साल की तुलना में 6.5 प्रतिशत अतिरिक्त राजस्व देना होगा। इसके साथ ही 0.6 प्रतिशत रिन्यू फीस भी देनी होगी। यानी कुल मिलाकर ठेकेदारों को करीब 7.1 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। ठेकेदारों का दावा है कि इस वित्तीय बोझ का असर सीधे बाजार पर पड़ेगा।
शराब की कीमतों में 10% बढ़ोतरी की आशंका
ठेकेदारों का कहना है कि अतिरिक्त भुगतान के कारण शराब की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो देसी और अंग्रेजी दोनों प्रकार की शराब महंगी हो सकती है। हालांकि सरकार ने अभी तक कीमतों में वृद्धि को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
सरकार को 12,800 करोड़ रुपये राजस्व की उम्मीद
राज्य सरकार को नई नीति के तहत वर्ष 2026-27 में करीब 12,800 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह लक्ष्य पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक है। सरकार का मानना है कि नीति में स्थिरता बनाए रखने से राजस्व में निरंतर वृद्धि संभव होगी।
राजस्व में लगातार बढ़ोतरी
पिछले कुछ वर्षों में आबकारी राजस्व में लगातार वृद्धि देखी गई है।
- 2022-23 में 8,428 करोड़ रुपये का राजस्व
- 2024-25 में 10,744 करोड़ रुपये
- 2025-26 के लिए 11,200 करोड़ रुपये का लक्ष्य
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य का आबकारी विभाग राजस्व के मामले में मजबूत प्रदर्शन कर रहा है।
अवैध शराब के खिलाफ सख्ती
सरकार ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
पिछले वर्ष राज्य में:
- 4,406 एफआईआर दर्ज
- 4,324 गिरफ्तारियां
- 26,218 छापेमारियां
- 24,832 नाके स्थापित
- 455 वाहन जब्त
- 1,76,552 शराब की बोतलें जब्त
इन कार्रवाइयों से सरकार का संदेश साफ है कि अवैध कारोबार पर सख्ती जारी रहेगी।
40 डिग्री देसी शराब की नई किस्म
नई आबकारी नीति के तहत 40 डिग्री क्षमता वाली देसी शराब बाजार में उतारी जाएगी। इसके लिए न्यूनतम और अधिकतम कीमत तय की गई है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित दर पर मानक उत्पाद मिले। सरकार का उद्देश्य अवैध और मिलावटी शराब पर रोक लगाना है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में खास ध्यान
पिछले वर्षों में सीमावर्ती और ‘बेट’ क्षेत्रों में अवैध व जहरीली शराब से कई घटनाएं सामने आई थीं। नई 40 डिग्री देसी शराब लाकर सरकार अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना चाहती है। इससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा और राजस्व दोनों में सुधार की उम्मीद है।
रिन्यू नहीं करने पर क्या होगा?
जो ठेकेदार अतिरिक्त राजस्व देकर अपना ठेका रिन्यू नहीं कराना चाहेंगे, केवल उन्हीं ठेकों को सरकार टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से नीलाम करेगी। इससे सरकार को प्रतिस्पर्धी बोली से अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है।
उपभोक्ताओं पर असर
यदि कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। हालांकि सरकार का कहना है कि नियंत्रित मूल्य प्रणाली से गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। उपभोक्ताओं को मानक और सुरक्षित उत्पाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता रहेगी।






