LPG Price Hike: होली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी आम लोगों के बजट पर सीधा असर डाल सकती है। पहले से ही पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतें और रोजमर्रा की चीजों की महंगाई लोगों को परेशान कर रही है। अब कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से बाजार में खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो सकती हैं। त्योहार के मौसम में जहां खर्च पहले ही बढ़ जाता है। वहां इस तरह की बढ़ोतरी आम लोगों और छोटे कारोबारियों दोनों के लिए चिंता का कारण बनती है।
दिल्ली में कितनी बढ़ी कीमत?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 28 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब यह सिलेंडर 1768.50 रुपए में मिलेगा। जबकि पहले इसकी कीमत 1740.50 रुपए थी। दिल्ली में बड़ी संख्या में होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेवाएं कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर हैं। ऐसे में कीमत बढ़ने का सीधा असर इन कारोबारों की लागत पर पड़ेगा।
मुंबई में नया रेट क्या है?
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी कीमतों में इजाफा हुआ है। यहां कमर्शियल सिलेंडर अब 1720 रुपए में मिलेगा, जो पहले 1692 रुपए का था। यानी यहां भी 28 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। मुंबई जैसे बड़े शहर में खाने-पीने का कारोबार व्यापक स्तर पर चलता है। इसलिए गैस की कीमत बढ़ने से होटल और रेस्टोरेंट संचालक मेन्यू के दाम बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं।
कोलकाता और चेन्नई में भी बढ़े दाम
कोलकाता में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 1844.50 रुपए से बढ़कर 1875.50 रुपए हो गई है। यानी यहां 31 रुपए का इजाफा हुआ है। वहीं चेन्नई में सिलेंडर की कीमत 1899.50 रुपए से बढ़कर 1929 रुपए हो गई है। दक्षिण भारत के इस बड़े शहर में भी कारोबारियों को बढ़ी हुई कीमत का असर झेलना पड़ेगा। इन आंकड़ों से साफ है कि बढ़ोतरी पूरे देश में समान रूप से देखी जा रही है।
आम लोगों को कितनी राहत?
हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर भी है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 853 रुपए पर स्थिर बनी हुई है। इससे घरों के मासिक बजट पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो भविष्य में घरेलू सिलेंडर पर भी दबाव बन सकता है।
होटल और रेस्टोरेंट पर पड़ेगा असर
कमर्शियल गैस सिलेंडर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में होता है। कीमत बढ़ने से इनकी लागत बढ़ेगी। ऐसे में संभावना है कि आने वाले दिनों में खाने की थाली, चाय, नाश्ते और फास्ट फूड के दाम बढ़ सकते हैं। इसका असर सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। त्योहार के समय जब बाहर खाने का चलन बढ़ जाता है, तब इस तरह की बढ़ोतरी कारोबार और ग्राहकों दोनों को प्रभावित कर सकती है।
मार्च महीने का ट्रेंड क्या कहता है?
पिछले लगातार 5 साल से मार्च का महीना कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए महंगा साबित हुआ है। हर साल मार्च के पहले दिन कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस बार भी वही ट्रेंड जारी रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति का असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। मार्च में अक्सर नई वित्तीय तिमाही की शुरुआत से पहले कीमतों में संशोधन किया जाता है।






