Relationship: प्यार में पड़ने के बाद अक्सर दो लोग एक-दूसरे से वादा करते हैं कि वे हर हाल में साथ निभाएंगे और वफादार रहेंगे। लेकिन आज के दौर में रिश्तों को निभाना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। तेजी से बदलती जीवनशैली, करियर का दबाव और सोशल मीडिया की दुनिया ने रिश्तों की परिभाषा को भी बदल दिया है। हालांकि आज भी कई लोग ईमानदारी और लॉयल्टी में विश्वास रखते हैं, लेकिन हर किसी को अपने जैसा साथी मिले, यह जरूरी नहीं।
पांच साल का रिश्ता और अचानक झटका
एक युवती के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ करीब पांच साल से रिलेशनशिप में थी। दोनों परिवारों को भी उनके रिश्ते की जानकारी थी और बात शादी तक पहुंच चुकी थी। लेकिन शादी से ठीक पहले लड़के ने अचानक कह दिया कि वह यह शादी नहीं करना चाहता। यह फैसला लड़की और दोनों परिवारों के लिए बड़ा झटका था।
सच्चाई जानने की कोशिश
लड़की को यकीन नहीं हुआ कि बिना किसी कारण के लड़का शादी से पीछे हट सकता है। उसने सच्चाई जानने के लिए एक डिटेक्टिव टीम की मदद ली। जांच में जो सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। बताया गया कि लड़का अपने काम के सिलसिले में अलग-अलग शहरों में जाता था और लगभग हर शहर में उसकी किसी न किसी लड़की से नजदीकी थी।
यह खुलासा लड़की के लिए गहरा भावनात्मक झटका था।
सोशल मीडिया पर साझा हुई कहानी
यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जहां एक काउंसलर ने इसे उदाहरण के तौर पर बताया। उन्होंने कहा कि किसी पर आंख बंद करके भरोसा करना हमेशा सुरक्षित नहीं होता। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि हर रिश्ता धोखे पर ही टिका है, लेकिन सावधानी और समझ जरूरी है।
रिश्तों पर एक्सपर्ट की राय
नवभारत टाइम्स.com से बातचीत में Dr. Gaurav Gupta, Senior Psychiatrist & CEO- Tulasi Healthcare New Delhi ने कहा कि आज के समय में रिश्तों को निभाना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। उनका मानना है कि बदलती लाइफस्टाइल, करियर की व्यस्तता और लॉन्ग-डिस्टेंस रिलेशनशिप जैसी परिस्थितियों में समझ और धैर्य बेहद जरूरी हैं।
लॉन्ग-डिस्टेंस में भरोसा क्यों अहम?
विशेषज्ञ के अनुसार, जब पार्टनर अलग-अलग शहरों में रहते हैं, तो गलतफहमियां जल्दी पैदा हो सकती हैं। ऐसे में खुलकर बातचीत, रोजमर्रा की बातें साझा करना और ईमानदारी से व्यवहार करना जरूरी है। हर बात पर शक करना या निगरानी रखना रिश्ते को कमजोर करता है।
शादी का फैसला जल्दबाजी में न लें
डॉ. गुप्ता का कहना है कि शादी सिर्फ प्यार का नाम नहीं है। इसमें जिम्मेदारी, संस्कार, आर्थिक समझ और इमोशनल मैचिंग भी जरूरी होती है। परिवार या समाज के दबाव में लिया गया फैसला आगे चलकर परेशानी बन सकता है। समय लेकर एक-दूसरे की आदतों और स्वभाव को समझना बेहतर होता है।
कौन-सी कमियां रिश्ते तोड़ती हैं?
एक्सपर्ट के अनुसार, कम्युनिकेशन की कमी, झूठ, सम्मान की कमी और भावनात्मक दूरी रिश्ते को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है। बार-बार ताने देना, गलती न मानना और ईगो भी प्यार को खत्म करने लगते हैं। अनसुलझे विवाद समय के साथ बड़ा रूप ले सकते हैं।
रिश्तों में बाउंड्री क्यों जरूरी?
हर रिश्ते में सीमाएं तय करना जरूरी होता है। दोस्त, रिश्तेदार या ऑफिस के लोग यदि जरूरत से ज्यादा दखल दें, तो गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। इसलिए पर्सनल स्पेस और बाउंड्री का सम्मान करना भी स्वस्थ रिश्ते के लिए जरूरी है।
भरोसा और सतर्कता दोनों जरूरी
यह घटना यह सिखाती है कि भरोसा जरूरी है, लेकिन आंख बंद करके नहीं। रिश्ते में पारदर्शिता और ईमानदारी दोनों तरफ से होनी चाहिए। समय रहते सच्चाई जान लेना, आगे की जिंदगी के लिए बेहतर साबित हो सकता है।






