Dubai Gold Rules 2026: दुबई को लंबे समय से सोने की शॉपिंग हब कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है वहां सोने की अपेक्षाकृत कम कीमत और बेहतर शुद्धता। भारत में सोने की कीमतों में जीएसटी, इम्पोर्ट ड्यूटी और अन्य टैक्स शामिल होते हैं। जबकि दुबई में सोने पर शून्य जीएसटी लागू होता है।
इसी कारण हर साल बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक और प्रवासी दुबई से सोना खरीदकर भारत लाते हैं। लेकिन सस्ता सोना खरीदना जितना आसान है। उसे भारत लाते समय नियमों का पालन करना उतना ही जरूरी है। यदि भारतीय सीमा शुल्क विभाग (Customs Department) के नियमों का उल्लंघन किया गया, तो सोना जब्त हो सकता है और भारी जुर्माना भी लग सकता है।
Baggage Rules 2026 क्या हैं?
भारत सरकार ने 2 फरवरी 2026 से लागू होने वाले Baggage Rules 2026 के तहत सोने और ज्वेलरी से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब ड्यूटी-फ्री सीमा को वजन के आधार पर तय किया गया है। जबकि पहले मूल्य सीमा ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती थी। यह बदलाव यात्रियों के लिए स्पष्टता लाने और नियमों को सरल बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
पुरुष यात्री कितना सोना ला सकते हैं?
नए नियमों के अनुसार पुरुष यात्री दुबई से 20 ग्राम तक सोना बिना किसी सीमा शुल्क के भारत ला सकते हैं। यह सोना छड़, सिक्के या आभूषण के रूप में हो सकता है। यदि कोई पुरुष यात्री 20 ग्राम से अधिक सोना लाता है, तो उस पर निम्नानुसार सीमा शुल्क लगेगा:
- 20 से 50 ग्राम: 3 प्रतिशत सीमा शुल्क
- 50 से 100 ग्राम: 6 प्रतिशत सीमा शुल्क
- 100 ग्राम से अधिक: 10 प्रतिशत सीमा शुल्क
इससे स्पष्ट है कि सीमा से अधिक सोना लाने पर टैक्स की दरें धीरे-धीरे बढ़ती जाती हैं।
महिला यात्रियों के लिए क्या नियम हैं?
महिला यात्रियों को पुरुषों की तुलना में अधिक छूट दी गई है। वे 40 ग्राम तक सोना ड्यूटी-फ्री भारत ला सकती हैं। यदि 40 ग्राम से अधिक सोना लाया जाता है, तो शुल्क इस प्रकार होगा:
- 40 से 100 ग्राम: 3 प्रतिशत सीमा शुल्क
- 100 से 200 ग्राम: 6 प्रतिशत सीमा शुल्क
- 200 ग्राम से अधिक: 10 प्रतिशत सीमा शुल्क
यह नियम विशेष रूप से व्यक्तिगत उपयोग के लिए लाए गए सोने पर लागू होता है।
बच्चों के लिए अलग प्रावधान
15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए भी ड्यूटी-फ्री सीमा तय की गई है। बच्चे 40 ग्राम तक सोना बिना सीमा शुल्क ला सकते हैं। इसमें गिफ्ट के रूप में दिया गया सोना भी शामिल है। हालांकि, बच्चों के साथ यात्रा कर रहे वयस्कों को पहचान पत्र और खरीद का बिल प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि बच्चे सीमा से अधिक सोना लाते हैं, तो उन पर वही शुल्क दरें लागू होंगी जो महिलाओं के लिए तय की गई हैं।
अन्य बड़े बदलाव क्या हैं?
सरकार ने केवल सोने की सीमा ही नहीं बदली। बल्कि अन्य सामानों पर भी राहत दी है।
- अब अंतरराष्ट्रीय यात्री 50,000 रुपये की जगह 75,000 रुपये तक का सामान ड्यूटी-फ्री ला सकते हैं।
- विदेशी पर्यटक, जिनके पास Tourist Visa है। वे अब 15,000 रुपये के बजाय 25,000 रुपये तक का सामान ड्यूटी-फ्री ला सकते हैं।
- 18 वर्ष से ऊपर के यात्री एक नया लैपटॉप या नोटबुक ड्यूटी-फ्री ला सकते हैं।
डिजिटल डिक्लेरेशन प्रणाली
एयरपोर्ट पर सामान की घोषणा प्रणाली को अब डिजिटल और सरल बनाया गया है। यात्री अब अपनी वस्तुओं की जानकारी पहले से ऐप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दे सकते हैं। इससे जांच प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। लंबी कतारों और देरी की समस्या भी कम होगी।
लंबे समय बाद लौटने वालों के लिए राहत
जो भारतीय लंबे समय के बाद विदेश से लौट रहे हैं। उनके लिए निजी सामान पर अलग छूट और शुल्क के नियम तय किए गए हैं। ऐसे मामलों में व्यक्तिगत उपयोग के सामान पर विशेष राहत दी जाती है, लेकिन सोने के मामले में निर्धारित वजन सीमा का पालन अनिवार्य है।
नियम तोड़ने पर क्या होगा?
यदि कोई यात्री निर्धारित सीमा से अधिक सोना लाता है और उसकी घोषणा नहीं करता, तो कस्टम विभाग सोना जब्त कर सकता है। इसके अलावा भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इसलिए बेहतर है कि यात्री सोना लाने से पहले नियमों की पूरी जानकारी लें।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
दुबई से सोना खरीदते समय हमेशा खरीद का बिल सुरक्षित रखें। एयरपोर्ट पर यदि कस्टम अधिकारी पूछताछ करें, तो सही जानकारी दें और आवश्यकता होने पर डिक्लेरेशन करें। नए नियमों के अनुसार वजन सीमा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है।






