LPG Cylinder Price Hike: होली के त्योहार से ठीक पहले 1 मार्च को एलपीजी के नए दाम तय कर दिए गए हैं। इस बार ग्राहकों को झटका देते हुए 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी कर दी गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर अब 31 रुपये तक महंगा हो गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। त्योहार से पहले इस फैसले का असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर साफ दिखाई देगा।
दिल्ली से कोलकाता तक क्या हैं नए दाम?
अलग-अलग शहरों में 19 किलो कॉमर्शियल सिलेंडर के नए दाम इस प्रकार हैं:
- कोलकाता: ₹1,875.50 (पहले ₹1,844.50)
- दिल्ली: ₹1,768.50 (पहले ₹1,740.50)
- मुंबई: ₹1,720 (पहले ₹1,692)
- चेन्नई: ₹1,929 (पहले ₹1,899.50)
यानी सभी बड़े शहरों में कॉमर्शियल गैस की कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर व्यापारिक गतिविधियों की लागत को प्रभावित कर सकती है।
घरेलू LPG सिलेंडर के दाम स्थिर
इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, 14.2 किलो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- दिल्ली: ₹853
- पटना: ₹951
- मुंबई: ₹852.50
- लखनऊ: ₹890.50
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत बनी हुई है, लेकिन बाजार की स्थिति को देखते हुए भविष्य में बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता।
एटीएफ भी हुआ महंगा
1 मार्च 2026 से एटीएफ (Air Turbine Fuel) यानी विमान ईंधन की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में एक किलो लीटर एटीएफ की कीमत 816.91 डॉलर हो गई है। पहले 1,000 लीटर एटीएफ के लिए 91,393.39 रुपये चुकाने पड़ते थे, जो अब बढ़कर 96,638.14 रुपये हो गए हैं।
अन्य शहरों में एटीएफ के रेट इस प्रकार हैं:
- मुंबई: 816.62 डॉलर या ₹90,451.87
- कोलकाता: 855.25 डॉलर या ₹99,587.14
- चेन्नई: 812.32 डॉलर या ₹1,00,280.49
एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी का असर हवाई यात्रा के किराए पर भी पड़ सकता है।
क्यों बढ़ती हैं LPG और ATF की कीमतें?
एलपीजी और एटीएफ की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, डॉलर की चाल और वैश्विक मांग पर निर्भर करती हैं। तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को कीमतों की समीक्षा करती हैं। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलता है।
कारोबारियों पर क्या होगा असर?
कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट की लागत बढ़ सकती है। त्योहारों के सीजन में गैस की मांग ज्यादा रहती है। ऐसे में कीमतों में वृद्धि का असर उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी बनी रही तो आने वाले महीनों में और बदलाव संभव हैं।






