Crop Loss Compensation: हरियाणा में फसल खराबे के मुआवजे को लेकर एक बार फिर बड़ा मुद्दा सामने आया है। प्रदेश सरकार किसानों को फसल मुआवजा राशि जारी कर रही है। लेकिन बड़ी संख्या में किसानों के बैंक खातों में गड़बड़ी के कारण पैसा वापस सरकारी खजाने में लौट रहा है। इस वजह से हजारों किसान समय पर मुआवजा नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं।
बैंक खातों की गड़बड़ी बनी वजह
सरकार का कहना है कि कई किसानों के बैंक खाते गलत या अपूर्ण जानकारी वाले हैं। कुछ मामलों में खाता नंबर गलत है, तो कहीं आधार लिंकिंग या केवाईसी की समस्या सामने आई है। इसी कारण बार-बार राशि भेजने के बावजूद वह खातों में नहीं पहुंच पा रही। अब सरकार ने सभी ऐसे खातों की जांच कराने का फैसला लिया है। ताकि सही खातों में भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
विधानसभा में उठा मुद्दा
कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान किसानों के चार साल से लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 से 2025 तक कई किसानों को उनका हक नहीं मिला है और वे मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। इस दौरान राजस्व एवं आपदा मंत्री विपुल गोयल और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस भी हुई।
मंत्री का जवाब और स्पष्टीकरण
राजस्व मंत्री ने सदन में बताया कि चंडीगढ़ से मुआवजा राशि जारी की जा चुकी है, लेकिन खातों में त्रुटियों के कारण भुगतान सफल नहीं हो पा रहा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने आवेदन किया था। लेकिन उन्हें राशि नहीं मिली, उनके खातों का सत्यापन किया जा रहा है। त्रुटियां दूर होते ही तुरंत मुआवजा जारी किया जाएगा।
रबी और खरीफ सीजन का भुगतान विवरण
मंत्री के अनुसार प्रदेश सरकार ने विभिन्न सीजन में बड़ी राशि जारी की है।
- रबी 2025: 116 करोड़ रुपये से अधिक
- रबी 2024: 127 करोड़ रुपये
- खरीफ 2023: 210 करोड़ रुपये
- रबी 2023: 180 करोड़ रुपये
खरीफ 2024 में यमुनानगर जिले में फसल खराबे के लिए 34.35 लाख रुपये जारी किए गए थे।
किन कारणों से नहीं पहुंचा पैसा?
कई मामलों में भुगतान इसलिए अटक गया क्योंकि:
- किसानों ने सही बैंक विवरण उपलब्ध नहीं कराया
- कुछ किसानों ने राशि लेने से मना कर दिया
- कुछ लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी थी
- तकनीकी त्रुटियां सामने आईं
उदाहरण के तौर पर, रबी 2023 में पांच प्रयासों के बावजूद 13.91 लाख रुपये वितरित नहीं हो सके। खरीफ 2023 में 19 लाख रुपये, रबी 2024 में 34.61 लाख रुपये और रबी 2025 में 92 लाख रुपये खातों में नहीं पहुंच पाए।
पटवारियों को जांच के निर्देश
विपुल गोयल ने कहा कि पटवारी स्तर पर जांच की जा रही है। सभी लंबित मामलों की सूची तैयार कर खातों की त्रुटियां ठीक की जा रही हैं। सरकार का दावा है कि किसी भी किसान का एक पैसा बकाया नहीं रहेगा।
किसानों के लिए क्या संदेश?
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते की जानकारी सही रखें और आवश्यक दस्तावेज अपडेट कराएं। जिन किसानों का भुगतान लंबित है। वे संबंधित विभाग से संपर्क कर खाते की स्थिति की जांच करा सकते हैं।






